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तनु वेड्स मनु रिटर्न्स
क्योंकि दत्तो बडी ही कूल छोरी है


हिमांशु शर्मा
Writer


आनंद राय
Director


























Another Take
तनु वेड्स मनु रिटर्न्स:क्योंकि दत्तो बडी ही कूल छोरी है


तनु वेड्स मनु रिटर्न्स  

साल 2011 में तनुजा चतुर्वेदी और मनु शर्मा की शादी में जो लोग भी शामिल हुए थे उनके पास फिर से बारात करने का मौक़ा आ गया है क्योंकि तनु और मनु रिटर्न हो गए हैं और क्या खूब रिटर्न हुए हैं. हिन्दी में किसी फ़िल्म का सीक्वेल अक्सर पहली फ़िल्म के हिट टाइटल को भुनाने के लिए ही बनाए जाते हैं. ऐसा बहुत ही कम होता है कि सीक्वेल में सचमुच कहानी आगे बढ़ती हो. लेकिन तनु वेड्स मनु के चार साल बाद आयी तनु वेड्स मनु रिटर्न्स सचमुच ही तनु(कंगना रनोट) और मनु(आर माधवन) की शादी के चार सालों के बाद की कहानी कहती है.

 

एक अजीबो-ग़रीब उठापटक वाले प्रेम विवाह के बाद तनु और मनु चार सालों में इस नतीजे पर पहुँचते हैं कि वो एक-दूसरे के लिए फिट नहीं है. दोनों एक-दूसरे पर इसका दोष मढ़ते हैं. लड़ते-झगड़ते हैं और आखिरकार अलग हो जाते हैं. इसके बाद जो कुछ होता है उस कहानी को बुनने के लिए फ़िल्म के लेखक हिमांशु शर्मा बधाई के पात्र हैं.

 

फ़िल्म में पुरानी तनु और नई दत्तो(कंगना रनोट) दोनों के कैरेक्टर को हिमांशु ने अच्छी तरह डेवलप किया है. तनु कैसी है ये दर्शक सीक्वेल के पहले पार्ट में देख ही चुके हैं. इस पार्ट में तनु के साथ-साथ वो दत्तो से भी रूबरू होंगे. दत्तो का किरदार जैसा लिखा गया है और कंगना ने उसे जिस ख़ूबसूरती से निभाया वो दर्शकों का दिल जीत लेगा.

 

स्टोरी को जोड़ने वाली कुछ फ़िल्मी ट्रिक, क्लाइमेक्स और कुछेक छोटी-मोटी कमियों को छोड़ दिया जाए तो फ़िल्म की कहानी और उसके उतार-चढ़ाव बहुत ही मनोरंजक हैं. फ़िल्म दर्शकों को अंत तक गुदगुदाती रहती है.

 

फ़िल्म के राइटर हिमांशु शर्मा ने हर कैरेक्टर को प्रभाव छोड़ने का मौका दिया है. तनु और दत्तो फ़िल्म की मेन लीड हैं लेकिन मनु(माधवन), पप्पी(दीपक डोबरियाल), चिंटू(जीशान अयूब), पायल(स्वरा भाष्कर), राजा(जिम्मी शेरगिल समेत सभी किरदार अपना असर छोड़ने में सफल रहे हैं. सबने बहुत अच्छी एक्टिंग की है.

 

फ़िल्म के निर्देशक आनंद एल राय ने अपनी पहली दोनों फ़िल्मों में भी लॉजिक की बहुत फिक्र नहीं की थी, इस फ़िल्म में भी कई चीज़ें दर्शकों को लॉजिक से परे लगेंगी लेकिन आनंद का प्राइम टार्गेट एंटरटेनमेंट रहा है.

 

इस फ़िल्म में भी तनु वेड्स मनु और रांझणा के निर्देशक की छाप साफ़ दिखेगी जिसे तीन सफल फ़िल्मों के बाद उनका सिग्नेचर स्टाइल माना जा सकता है, जिसमें मिडिल क्लास कैरेक्टर, मिडिल क्लास मोरैलिटी के साथ कॉमेडी, रोमांस और कुछ हिट सॉन्ग का काकटेल होता है.  तनु वेड्स मनु के गीतकार राज शेखर ने ही रिटर्न्स के लिए गीत लिखे हैं जो फ़िल्म की रिलीज़ से पहले से हिट हो चुके हैं.

 

लब्बोलुआब ये फ़िल्म गंभीर समीक्षकों को विश्लेषण के लिए बहुत कुछ भले न उपलब्ध कराती हो, दर्शकों को ये फुल एंटरटेन करेगी और दत्तो उन्हें लंबे समय तक याद रहेगी क्योंकि दत्तो बडी ही कूल छोरी है.

 

रंगनाथ सिंह 

 



   रंगनाथ सिंह

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