Tag Archives: धवल चोखाडिया

अशआर – धवल चोखडिया

अशआर – धवल चोखडिया (1) एक उम्र लुट के ले गया था कोई ढूंढने पर पता चला वो वक्त था   (2) हर किसी के अंदर एक दुनिया होती है जहां गम और ख़ुशी का हिसाब होता है, मत पूछो … Continue reading

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कहानी की ख़ोज में – धवल चोखाडिया

एक लेखक अपने आस-पास के हालात को, अपनी और दुसरो की जिंदगी को एक अलग नज़रिए से देखता है | अच्छा और बुर जो भी हो रहा हो उसे देखे, देखे और सोचे | कहीं ना कहीं आपको एक अच्छी … Continue reading

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मुद्दा व्यंग्य का (लेख) – धवल चोखाडिया

मुद्दा व्यंग्य का लेखक – धवल चोखाडिया “व्यंग्य किसे कहते है?”, ये सवाल आप किसी आम आदमी से पूछिये जो लेखक नहीं है | सामान्य रूप से यही जवाब मिलेगा “गहरी बात को हास्यभाव में कहना” | अगर ये सवाल … Continue reading

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