Tag Archives: उमेश धरमराज

एक रोज़ (ग़ज़ल) – उमेश धरमराज

एक रोज़… मिल गए थे राह में वो दफ्अतन चढ गया नशा लगी उनकी लगन. वो थे आगे और हम पिछे चले देखा दुनिया ने मेरा दिवानापन. चढ गया नशा लगी उनकी लगन… देखना उनका अदा से बारहा इश्क़ का … Continue reading

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प्यास का मौसम (कविता) – उमेश धरमराज

प्यास का मौसम यादें जगा रहा हैं बरसात का मौसम आया हैं लौट के फीर प्यास का मौसम. ए काश के मुझको अभी होश ना होता या फिर तक़दिर में दोष ना होता. अमृत क्यों ना बरसे रातों में तेरे … Continue reading

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हुआ तेरे हक़ में फैसला – ग़ज़ल – उमेश धरमराज

हुआ तेरे हक़ में फैसला   तुझसे पहले कितने मिले तुझसा पहले नहीं मिला. हर शै तुझसे हार गयी हुआ तेरे हक़ में फैसला.   सबब ये हैं दिदार हो ये हैं चर्चे तेरे ही नूर के. हद-ए-नज़र तक कारवां … Continue reading

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ज़िन्दगी – उमेश धरमराज

ज़िन्दगी तेरी ओर ही हैं ज़िन्दगी. कुछ और भी हैं ज़िन्दगी…   भोर से उजली भी हैं घनघोर भी हैं ज़िन्दगी. खुशीयां देती हैं कभी ग़मखोर भी हैं ज़िन्दगी. फुलों से नाज़ुक नाज़ुक कठोर भी हैं ज़िन्दगी. तेरी ओर ही … Continue reading

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