No ‘Re-Take’ Actor (कहानी) – Rajkumar Arya

No “Re-Take” Actor

यह कहानी एक ऐसे “एक्टर” की है जो सिर्फ फिल्मो का ही नहीं बल्कि अपनी वास्तविक जिंदगी का भी एक्टर था। जिसने फिल्मो के साथ साथ कभी अपनी जिंदगी में भी दोबारा कोई “रि-टेक” नहीं लिया। वह एक रियल लाइफ एक्टर था। शायद इसी वजह से सब उससे जलते थे। “रोश कुमार”….. बीते दिनों के एक मध्यमवर्गीय फिल्म राइटर “रोहन कुमार” व् एक ऐड मोडल “शना खन्ना” का बेटा था। जो मुंबई की एक आर्टिस्ट सोसाइटी में रहते थे। “रोश” के माँ बाप की एक दुसरे से मुलाक़ात एक अवार्ड शो के दौरान हुई और बाद में उन दोनो की मुलाक़ाते प्यार से लेकर शादी तक में तब्दील हुई। शायद कुदरत ने इन दोनों को मिलवाकर “परफेक्शन” की नयी परिभाषा लिखी। विज्ञान कहती है कि “हम जिस तरह की भी छवि और सोच अपने दिल और दिमाग में सोचते व् बनाते है वह शायद कही न कही हमारे DNA के जरिये हमारी आने वाली पीढ़ी में आ ही जाती है”। रोहन व् शना की शादी के बाद,इन दोनों ने भी अपनी होने वाली संतान(लड़का या लड़की) के बारे में भी कुछ न कुछ क्रिएटिव और लॉजिकल सोच ही रखा था। रोहन व् शना को लड़का पैदा हुआ और इन दोनों ने मिलकर अपने बेटे का नाम “रोश” रखा जो रोहन व् शना के पहले अक्षरों के मेल से बना है। रोहन और शना ने अपने होने वाले बच्चे के लिए जैसी भी छविया सोची व् समझी थी बिलकुल वैसी ही उनकी संतान पैदा हुई। “रोश” बिलकुल ही खुबसूरत पैदा हुआ था। रोहन और शना की पड़ोसन “मीरा राडिया” जो एक फिल्म मेंकर थी। उसने रोश को देखते ही अपने हाथो से कैमरे का एंगल बनाकर रोश के “एक्टर” बनने की भविष्यवाणी कर दी। फिर क्या,यह एंगल रोहन और शना के दिल और दिमाग में भी कन्फर्म हो गया कि उनका बेटा रोश एक एक्टर ही बनेगा। ( रोश की जिंदगी बढ़ने लगी और उसके साथ साथ उसकी सुन्दरता,अकल,शक्ति भी बढ़ने लगी। विकी उसका जिगरी दोस्त था। सोनिया उसकी गर्लफ्रेंड थी। रोश एक क्रिएटिव और इंटेलिजेंट लड़का था जिसका माथा हमेशा चढ़ा रहता था। वह बहुत ही क्रेजी,स्पोर्टी,नॉटी और पूरा थोटी था। उसे “एक्टर” वर्ड से चिड थी। वह एक बिजनेसमेन बनना चाहता था। वक़्त बढ़ा और फिर अचानक रोश की जिंदगी भी बदलने लगी। सबसे पहले सोनिया उसे छोड़कर चली गयी। फिर उसका उसका दोस्त विकी भी उसे छोड़कर चला गया। फिर उसकी जिंदगी में भूचाल सा आ गया। अचानक उसकी माँ के सीढ़ियो से नीचे गिरने की वजह से उसकी माँ कोमा में चली गयी। इलाज़ की वजह से उसके पापा की फाइनेंसियल कंडीशन भी बुरी हो गयी थी। क़र्ज़ ने उसके परिवार की मुश्किलें बढ़ा दी। रोश की काबिलियत भी उसके लिए एक श्राप सा बनने लगी थी। लेकिन वह डटा रहा क्युकी उसकी सोच पर कुछ फर्क नहीं पड़ा। वक़्त बढ़ा और वह “ठिकाना” पर जाने लगा। वहां रोश की मुलाक़ात “मोहित” से हुई। मोहित एक राइटर था और मोहित भी रोश की तरह हमारे देश का एक “फ्रसट्रेटेड टैलेंट” था जिसे दुनिया ने मौका देना उचित नहीं समझा था। और फिर एक दिन रोश की माँ भी गुजर गयी। रोश अपने पिता का क़र्ज़ उतारने के लिए न चाहते हुए मोहित के साथ एक्टिंग की दुनिया में आया। मोहित ने रोश कुमार के साथ ( “Professional Car Killer”, “The Reservation”, “The Bacteria, “Illegal Good Man”, “The Logical Baba”) जैसी कई लाजवाब फिल्मो का निर्माण किया। मोहित की फिल्मो के अन्दर रोश कुमार की जबरदस्त एक्टिंग देखकर पूरी दुनिया रोश कुमार की फेन बन गयी। पूरी दुनिया ने उसे “no re-take Actor” का लेबल दे दिया। पूरी दुनिया में उसके 120 करोड़ लोग चाहने वाले थे। वह दुनिया का सबसे परफेक्ट एक्टर था। सोहरत,दौलत उसके कदम चूमती थी। उसने अपने पार्टनर मोहित के साथ मिलकर “क्रिएटिव शिवा फिल्म्स” नाम के फिल्म प्रोडक्शन हाउस का निर्माण करके दुनिया के हर असली आर्टिस्ट को खुद जाकर खोज लाकर मौका देना शुरू कर दिया। रोश कुमार ने “लॉजिक” नाम की NGO का गठन करके अनाथो,लावारिशो और बेसहारा बच्चो को जबरदस्ती अपनी NGO में पकड़ लाकर उन बच्चो को उनके काबिल होने तक फ्री शिक्षा,कपडा,रहना देने का काम शुरू किया। फिर तो रोश कुमार की जिंदगी गुमें सब बदलने लगा। जैसे जैसे उसकी उम्र बढ़ने लगी वैसे वैसे उसका बीता हुआ अच्छा वक़्त दोबारा उसका फ्यूचर बनकर उसके सामने आने लगा। उसका दोस्त विकी उसकी जिंदगी में फिर लौट आया। फिर उसकी डार्लिंग “सोनिया” भी लौट आई। रोश की जिंदगी में सब कुछ अच्छा हो गया। फिल्म लाइन को अपने 20 अहम् साल देने के बाद उसने वो शुरू किया जो वह बचपन से करना चाहता था। उसने इस दुनिया के हर क्रिएटिव आर्टिस्ट को मौका देने के लिए UN के समक्ष “सिनेमा” नाम का शहर बसाने की बात रखी। UN ने भी उसकी विचारधारा से सहमत हो कर इंडिया में 50 हज़ार करोड़ रूपए की लागत से आर्टिस्टस की असली दुनिया “सिनेमा” शहर का निर्माण करवाया। और फिर एक दिन अचानक फिर उस एक्टर की जिंदगी में सब कुछ बदल गया। उसके साथ एक हादसा हो गया। अचानक उसकी कार फुटपाथ पर चढ़ गयी। तीन बच्चो के सिर उसकी गाडी के नीचे कुचले गए। ) इसके बाद “नो रि-टेक एक्टर” “रोश कुमार” ने कभी भी जीवन में पीछे मुड़कर नहीं देखा। शायद यह रोश का आखरी दिन था इसके बाद रोश कुमार कभी भी किसी से नहीं मिला। सुना है कि रोश के जेल जाने के एक साल बाद उसके पापा भी गुजर गए। मोहित ने ही उसके पिता की चिता का दाह संस्कार किया। विकी भी एक बार उससे जेल में मिलने के लिए आया लेकिन वह उससे मिला ही नहीं। सोनिया आजतक रोश कुमार से मिलने नहीं आई। कभी कभी मोहित रोश से मिलने जेल में चला जाता है लेकिन वह हमेशा नम आँखे लेकर एक मायूसी के साथ वहा से खाली हाथ लौट आता है। पूरी दुनिया में रोश कुमार अपने 120 करोड़ चाहने वालो के लिए सिर्फ एक “याद बनकर ही रह गया”।

The End…

(The StoryTeller Is Director Mohit)

Contribution from: Rajkumar Arya
Email: vinaysharmaofficial1@gmail.com
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