Category Archives: Members Contributions

This is the Broad category for Members’ Contributions. All the creative material (literature) sent by members is seen here. Depending upon the type of creation the article will be published under appropriate sub-category viz. Articles, Reviews, Cartoons or Creations.

ऐ दिल है मुश्किल (समीक्षा) – पंकज सुबीर

ऐ दिल है मुश्किल (फर्स्ट डे फर्स्ट शो) क्यों बनाई जाती हैं आख़िर इस प्रकार की फिल्में ? करण जौहर ने किसी शो में कहा था कि उन्होंने लंदन में करीब एक पखवाड़े रहकर इस फिल्म की कहानी लिखी थी। … Continue reading

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हर रोज़ दीवाली हर रोज़ दशहरा (कविता) – शशिकांत जुनेजा

हर रोज़ दिवाली होती है, हर रोज़ दशहरा  होता है. हर रोज़ अच्छाई का, गर दिल पर पहरा होता है. हर रोज़ दिवाली……. दिल में राम है, दिल में ही तो रावण है. दिल में ही पतझड़, दिल में ही … Continue reading

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रावण का आत्मदाह (Kahani) – आशुतोष तिवारी

रावण का आत्मदाह हर साल की तरह, इस साल भी रावण का पुतला बनाया गया! रावन दहन से 2 दिन पहले, तय समय पर भरे बाज़ार में रावण को रस्सियों से बाँध कर लटका दिया गया! 2 दिन और 2 … Continue reading

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एक रोज़ (ग़ज़ल) – उमेश धरमराज

एक रोज़… मिल गए थे राह में वो दफ्अतन चढ गया नशा लगी उनकी लगन. वो थे आगे और हम पिछे चले देखा दुनिया ने मेरा दिवानापन. चढ गया नशा लगी उनकी लगन… देखना उनका अदा से बारहा इश्क़ का … Continue reading

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प्यास का मौसम (कविता) – उमेश धरमराज

प्यास का मौसम यादें जगा रहा हैं बरसात का मौसम आया हैं लौट के फीर प्यास का मौसम. ए काश के मुझको अभी होश ना होता या फिर तक़दिर में दोष ना होता. अमृत क्यों ना बरसे रातों में तेरे … Continue reading

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हुआ तेरे हक़ में फैसला – ग़ज़ल – उमेश धरमराज

हुआ तेरे हक़ में फैसला   तुझसे पहले कितने मिले तुझसा पहले नहीं मिला. हर शै तुझसे हार गयी हुआ तेरे हक़ में फैसला.   सबब ये हैं दिदार हो ये हैं चर्चे तेरे ही नूर के. हद-ए-नज़र तक कारवां … Continue reading

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तज़करा तेरी जुदाई का मगर होता है (ग़ज़ल) – सय्यद निसार अहमद

ग़ज़ल तज़करा तेरी जुदाई का मगर होता है ********************************* जब कभी मेरे तख़य्युल का सफ़र होता है ! ऐसा क्यों है तेरे कूचे से गुज़र होता है !! जब तेरा रूप मेरे पेश-ए-नज़र होता है ! मेरे अश्कों में मेरा … Continue reading

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The SHINING STAR in a Single Night – Koustubh Sapre

Title : The SHINING STAR in a Single Night Author: Koustubh Sapre  Read it Twice, Nobody knows who might become the SHINING STAR Overnight. Respect art and respect and appreciate others’ talent. This will allow you to become a better person. Rejection … Continue reading

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गीत – मेरी राहों में पड़े (समीक्षा) – अमित कुमार तिवारी

SONG  REVIEW गीत – मेरी राहों में पड़े गीतकार – अभेन्द्र कुमार उपाध्याय संगीत एवं गायन – अंकित तिवारी समयावधि – 5’28” गीत रिलीज़ – 29 मार्च 2016 शैली – विरह गीत    (SEPARATION SONG) फिल्म – ब़ागी (BAAGHI) Lyrics … Continue reading

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जवानी वतन के नाम लिखता है (गीत) – अमित कुमार शर्मा

     जवानी वतन के नाम लिखता है। ज़ज्बे के पन्नों पर इरादों की कलम से, सहादत का कलाम लिखता है। हर जवान अपनी जवानी वतन के नाम लिखता है। हमनें तो महबूबा मुल्क़ को समझा है बस इसी से मोहब्बत … Continue reading

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