सांवरिया – सशांत चतुर्वेदी का गीत

ओढ़ ले दिल की चादर सांवरिया

महके तन-मन सरफ़रोशी

अंधियारे हैं कजरा रे तेरे

नैना हैं मनमौजी …..

 

दे दे मुझको सुबह सिंदूरी

शाम झूमर सी जल जाये

देख लूँ दुनिया एक ही नजर में

चेहरे का तेरे आईना मिल जाये

भर दे दमन में इश्क़ बादरिया

सांसों में है तेरे खामोसी

अंधियारे हैं कजरा रे तेरे

नैना  हैं मनमौजी ….

 

भोली भाली सूरत तेरी

ओठों पे छाया गुलाबी समां है

दोनों को होश न खबर है

दीवानो की मंजिल कहाँ है

रंग दूँ अपने रंग में चुनरिया

इशारों को कर दूँ फरेबी

ओढ़ ले दिल की चादर सांवरिया

महके तन-मन सरफ़रोशी

अंधियारे हैं कजरा रे तेरे

नैना हैं मनमौजी …..

 

 

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