रब की मर्ज़ी में मैं होता (गीत) – सुशांत

 रब की मर्ज़ी में मैं होता

तेरी किस्मत खुद मै लिखता

हो जाते एक दूजे के हम

एक दूजे पर जीता मरता

ये सारे जज़्बात बदल दो  जिसमें हूँ  मै बात बदल दो

इश्क़ बदल दो प्यार बदल दो

अपने हसीं अलफ़ाज़ बदल दो

रात बदल दोओओओओ , बात बदल दोओओओओओ

 

देख तुझे पाऊं इस सर्दी

तू आये ये तेरी मर्ज़ी

चाँद लुढ़क गया धूम सहर गयी

पलकों के अहसास बदल दो

ख्वाब बदल दो राज़ बदल दो

रात बदल दोओओओओ , बात बदल दोओओओओओ

 

कहने को हम आएंगे

जुदा अगर हो जाएंगे

फुर्सत हो गई रूखसत हो गई

खुसबू की बरसात बदल दो

जाति बदल दो धर्म बदल दो

ये सारे जज़्बात बदल दो  जिसमें हूँ  मै बात बदल दो

इश्क़ बदल दो प्यार बदल दो

अपने हसीं अलफ़ाज़ बदल दो

रात बदल दोओओओओ , बात बदल दोओओओओओ

PRADEEP CHATURVEDI (SASHANT)+919651477368

prd.chaturvedi@gmail.com
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