बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर – अमित कुमार शर्मा

बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है

सत्ता के भूखे भेड़िये बस कुर्सी के दीवाने है
दगाबाज़ी के फरमान, खुदगर्ज़ी के बहाने है
दौलत के नशे में लोग यंहा इस क़दर अंधे हैं
खोलें हैं दहशत की दुकानें करते मौत के धंधें है
फिज़ाएँ है खामोश फिर भी जाने ये कैसी सनसनी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है

मज़मा लगा है बाज़ार में इंसानियत नीलाम होन को है
ईमानदारी की बोलियाँ लग रही ज़मीर वज़ूद खोने को है
इस दौर में अब तो यहां हर गली में इन्सान लूटता है
न आवाज़ लगता है कोई न मदद को कोई हाथ उठता है
लम्हे लम्हे हैं बस तबाही के मंज़र, ज़र्रे ज़र्रे इक आगज़नी है
बनाने वालों ने क्या बनाई थी तस्वीर क्या तस्वीर बानी है
हर तरफ हिंसा का बारूद है नफ़रत की इक बन्दूक तनी है

AmitKumarSharma1

अमित कुमार शर्मा
amitabh9950@gmail.com

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