प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म पुरालेखपाल पी.के. नायर का निधन

प्रतिष्ठित भारतीय फिल्म पुरालेखपाल पी.के. नायर बयासी 82 वे वर्षा में निधन

फिल्म पुरालेखपाल, परमेश कृष्णन नायर, पी के रूप में दुनिया फिल्म हलकों में लोकप्रिय नाम नायर पुणे, भारत के एक अस्पताल में निधन हो गया है।

वे बयासी (82) वर्ष के था और कई हफ्तों से बीमार थे

और एक कार्डियक बीमारी के कारण स्वरगवस हो गया!

नायर ने 1964 में भारतीय राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

फिल्म संग्रह था भारत में एक उपेक्षित क्षेत्र है1

नायर यह खुद पर ले लिया हासिल करने के लिए और भारत की पहली फीचर फिल्म राजा हरिश्चंद्र’ (1913) सहित कई भारतीय क्लासिक्स और जीवन नैया’ (1936) की तरह क्लासिक्स Achut कन्या” (1936), “क़िस्मत ‘(1943) औरचंद्रलेखा ‘(1948) फ़िल्मो के नेगेतैइवे का संग्रहा किया।

सभी संग्रह के लिए कुछ 8,000 फिल्मों का अधिग्रहण किया।

नायर पुणे, अपनी प्रेयसी संग्रह के लिए पास में बने रहे, 1991 में संन्यास लेने के बाद और सक्रिय रूप से संस्था के कामकाज में शामिल होना जारी रहा।

1996 में उन्होंने केरल के अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव, तिरुवनंतपुरम संगठन मैं महटवा पूर्णा योगदान रहा!

उसके बाद के वर्षों में, बीमार स्वास्थ्य के बावजूद वील चेर से लाचार अवस्था मैं भी फिर भी, वह पूरे भारत में फिल्म समारोहों में एक नियमित रूप से साहब सक्रिया स्वरूपरूप से अपना महत्वपुर्णा योगदान देते रहें। सेवानिवृत्ति के बाद, उन्होंने Aashay फिल्म क्लब के अध्यक्ष के रूप में थ अपनी भागीदारी को जारी रखा!

नायर की विरासत को अच्छी तरह से शिवेंद्र सिंह डूंगरपुर के वृत्तचित्र में प्रलेखित है सेल्यूलाइड मैन मैं चित्रित किया गया हैं।

अनुपमा चोपड़ा, पत्रकार और जियो ममी मुंबई फिल्म महोत्सव के निदेशक ने ट्वीट किया, “वह अकेले ही भारत की सिनेमाई विरासत को संरक्षित रखा।

अभिनेता शबाना आजमी ने ट्विटर पर लिखा, “हिन्दी साइन इतिहास परंपरा का बेहद नुकसान हैं नायर साहब के स्वरगवस से

किस तरहा नायर साहब सिनिमा इतिहास के जानकार थे !

नायर बेटे बीजू , और एक बेटा वा सुपुत्री बीना पीछे हैं!

अमोल पालेकर, सायीड अख़्तर मिर्ज़ा, प्रकाश मगदूम वा अन्या गान माँया व्यक्तियाओं ने पुणे स्थित रॅशट्रियीआ फिल्म संग्रहालाया में साब को श्रधंजलि देकर श्रद्धा सुमन अरपतीत किये!

 

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