नयना खो लो साँवरे – सशांत चतुर्वेदी का गीत

जब से जागी है  सुबह प्यारी

खड़ी है तेरे लिए

जब से जागी है  सुबह प्यारी

खड़ी है तेरे लिए

नयना खो लो साँवरे

 

देखे कोई चेहरा मेरा

मै न आउंगी कल

इतनी बेबस प्यार में

घर से आयी निकल

तेरे दर से बूंद भी मिल जाये अगर

नयना धो लूँ साँवरे

नयना खो लो साँवरे

 

इतनी गुजारिस क्या करूँ

बस मान जाओ न

छड आखिरी है सुनहरा

अब जाग जाओ न

सारे फूल खिलने लगे हैं

तेरे मुस्कुराने के बाद

नयना खो लो साँवरे

नयना खोलो साँवरे
प्रदीप चतुर्वेदी ( सशांत )

9651477368

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