गीत – मेरी राहों में पड़े (समीक्षा) – अमित कुमार तिवारी

SONG  REVIEW
गीत मेरी राहों में पड़े गीतकार अभेन्द्र कुमार उपाध्याय
संगीत एवं गायन अंकित तिवारी
समयावधि – 5’28”
गीत रिलीज़ – 29 मार्च 2016
शैली विरह गीत    (SEPARATION SONG)
फिल्म ब़ागी (BAAGHI)

Lyrics – गीत की रचना मूल रूप से दो प्रेमियों के बिछुडने को ध्यान में रखकर की गई है, अभेन्द्र ने शब्दों का चुनाव सूझ बूझ के साथ किया है साथ ही इन्हें सहजता से गीत को काव्य में पिरोया है, श्रोता आसानी से गीत के भावों को समझ सकते हैं गीत की लोकप्रियता से इस बात का अन्दाजा लगाया जा सकता है । अभेन्द्र कुमार द्वारा गीत मेरी राहों में पड़े तेरे पैरों के निशानसराहनीय प्रयास है ।
Music composition –
अलग तरह का संगीत सुनकर सुकून मिलता है, separation Song  होने के बावज़ूद अंकित तिवारी ने कर्ण प्रिय धुनों से गीत को सजाया है जो की प्रचलित पारम्परिक संगीत को follow नहीं करता है यही संगीत को सबसे अनूठा बनाती है .
Singer –  गीत में शब्दों का उच्चारण गायक के रूप में अंकित तिवारी ने सही ढंग से किया है  साथ ही गीत के मध्य व अन्त में ho ooo hoo hooo he he da da na  na, aeee aajaa mahi जैसे विलाप पूर्ण रून्दन गीत में दर्द को बयां करता है।

Faults –
1.गीत का फिल्म रिलीज के महज़ 4 दिन पहले वीडियो प्रोमों के साथ Launch  किया जाना.
2.
गीत का फिल्म में दो टुकडों में होना साथ ही गीत में की समयावधि में भारी कटौती की गई है,

इसके अंश इस प्रकार है,

बिन तेरे देखूं मैं,
ज़रा सा लगूं ग़म से ही आजकल भरा सा लगूं
छोड़ दे साथ ना ज़िन्दगी  मेरी सोच के बात ये,
डरा सा लगूं गिरते उन आंसुओं में कुछ तो तुझसा लगे हैं
इन अश्कों में मैं ना खोता अगर तू होता तो,
ना रोते हम अगर तू होता तो,
ना रोते हम अगर तू होता तो,
ना रोते हम अगर तू होता तो,
ना रोते हम

किसी भी गीत के साथ इस तरह का बर्ताव उस गीत के प्रशंसकों को मायूस करता है ।

SONG REVIEW BY AMIT KUMAR TIWARI
(गीत की समीक्षा स्वतन्त्र गीत समीक्षक के रूप में की गई है)
amitapkamitra@gmail.com

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