आओ आओ ग़ज़ल सी बात करें (कविता) – शशि कान्त जुनेजा

आओ आओ ग़ज़ल सी बात करें,पूरी आधी रात करें .

चाँद सितारों की महफ़िल में खुद को आत्मसात करें.

आओ ग़ज़ल सी बात ……….

यह चाँद भी बोले गा, हर तारा बोले गा,

काली रात का साया भी, हर लम्हा बोले गा .

इश्क़ अमर हो जाये अपना ,कोई ऐसी बात करें.

आओ ग़ज़ल सी बात  करें ……….

इश्क़ अधूरा है क्यों अबतक ,जाने तेरा मेरा.

हुई उजालों से नफरत क्यों,लगता भला अँधेरा .

इश्क़ ज्वाला में जलकर ,चलो चांदनी रात करें .

आओ ग़ज़ल सी बात करें…

 तेरी हर धरकन को मैं ,अपना संगीत बना लूँ.

तेरी सांसों की सरगम को ,अपना गीत बना लूँ .

सुर से ताल मिले अपनी , कोई ऐसी बात करें

आओ ग़ज़ल सी बात करें…

Shashi Kant Juneja

junejashashi@gmail.com

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